रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि 21वीं सदी में सशस्त्र बलों के बीच अंतर-संचालन और संयुक्तता एक परिचालन आवश्यकता बन गई है। आज नई दिल्ली में त्रि-सेवा संगोष्ठी में श्री सिंह ने इस बात पर ज़ोर दिया कि खतरे कहीं अधिक जटिल हो गए हैं।
उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने अपनी वायु रक्षा में संयुक्तता का उल्लेखनीय प्रदर्शन किया जो निर्णायक साबित हुआ। उन्होंने कहा कि वायु सेना की एकीकृत वायु कमान और नियंत्रण प्रणाली, जो भारतीय सेना के आकाशतीर और भारतीय नौसेना के त्रिगुण के साथ सहज रूप से एकीकृत थी, इस सफलता का मूल आधार बनी। श्री सिंह ने कहा कि इन प्रणालियों की त्रि-सेवा तालमेल ने एक एकीकृत, वास्तविक समय की परिचालन तस्वीर तैयार की, जिससे कमांडरों को सटीक और समय पर निर्णय लेने में मदद मिली।