पाकिस्तान मानवाधिकार आयोग ने खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में मानवाधिकार और कानून व्यवस्था की स्थिति पर चिंता व्यक्त की है। आयोग ने कहा कि प्रांतीय चुनाव के अभाव में क्षेत्र के लोगों को पूरे साल स्थानीय सरकार में प्रतिनिधित्व नहीं मिला और 2023 में अधिनियमित एक भी कानून नहीं बनाया गया।
आयोग ने आरोप लगाया कि 2023 में कई आतंकी हमलों और सुरक्षा अभियानों में 160 से अधिक पुलिसकर्मी, 70 सैन्यकर्मी, 60 नागरिक और 170 से अधिक कथित आतंकवादी मारे गए। एक रिपोर्ट के अनुसार क्षेत्र में महिलाओं के खिलाफ साइबर उत्पीड़न और हिंसा की 112 शिकायतें दर्ज की गईं। 66 प्रतिशत लडकियों सहित 47 लाख बच्चों को स्कूल छोडना पडा है।