पाकिस्तान के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नामित आतंकवादी संगठनों के साथ संबंध कई दस्तावेजों और सार्वजनिक स्रोतों से उजागर होते हैं। ये साक्ष्य यह सिद्ध करते हैं कि पाकिस्तान आतंकवादियों को राजनीतिक संरक्षण और भौतिक सहायता देकर हिंसा को बढ़ावा देता है। एक समाचार एजेंसी के अनुसार पाकिस्तान लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे समूहों का संरक्षण करता है।
संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों के बावजूद इन समूहों की गतिविधियां अभी भी जारी हैं। यह सशस्त्र नेटवर्क को सक्रिय रखने और अंतरराष्ट्रीय जवाबदेही से इन समूहों को बचाने की पाकिस्तान की रणनीति को दर्शाता है। पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले कश्मीर के मुजफ्फरबाद में मरकज़ सैयदना बिलाल परिसर का पुनर्निर्माण कराना इसी का उदाहरण है। जैश-ए-मोहम्मद के प्रशिक्षण केंद्र के रूप में कार्यरत इस स्थान को ऑपरेशन सिंदूर के दौरान लक्षित किया गया था। इस जगह का पुनर्निर्माण राज्य समर्थित परियोजना के रूप में पाकिस्तान ने फिर से किया है।