अफगान डायस्पोरा नेटवर्क की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तानी सेना हमास और मुस्लिम ब्रदरहुड जैसे समूहों को सहयोग दे रही है जिससे लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकवादी संगठनों को भी शह मिल रही है।
इससे दक्षिण एशिया और पश्चिम एशिया के अस्थिर क्षेत्रों में गलत अनुमान लगाने, हमास और मुस्लिम ब्रदरहुड के वैचारिक फैलाव और छद्म उलझाव का खतरा बढ़ गया है।
रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान लंबे समय से सीमा-पार आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे घोषित आतंकी संगठनों का समर्थन करता रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अंतरराष्ट्रीय दबाव में पाकिस्तानी प्रतिबंध के बावजूद, ये संगठन सक्रिय हैं।