निर्वाचन आयोग ने विधानसभा चुनावों से पहले पश्चिम बंगाल में तैनात किए जा रहे केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों – सी.ए.पी.एफ. के जवानों को आवंटित वाहनों में जीपीएस ट्रैकर लगाने का निर्णय लिया है। सी.ए.पी.एफ. कर्मियों की तैनाती दो चरणों में शुरू होगी। पहले चरण में 240 कंपनियों की तैनाती पहली मार्च से होगी। आयोग ने निर्देश दिया है कि सशस्त्र बल क्षेत्र अभ्यास करेंगे और राज्य के क्षेत्रों से परिचित होंगे। पश्चिम बंगाल के मुख्य चुनाव अधिकारी ने कहा कि जीपीएस ट्रैकिंग प्रणाली से आयोग द्वारा नियुक्त केंद्रीय पर्यवेक्षक सी.ए.पी.एफ. कर्मियों की गतिविधियों पर नजर रख सकेंगे।
दूसरे चरण में 240 कंपनियों की तैनाती 10 मार्च से शुरू होगी। पहले चरण में, सी.आर.पी.एफ. की 110 कंपनियां, बी.एस.एफ. की 55, सी.आई.एस.एफ. की 21, आई.टी.बी.पी. की 27 और एस.एस.बी. की 27 कंपनियां शामिल होंगी। दूसरे चरण में सी.आर.पी.एफ. की 120 कंपनियां, बी.एस.एफ. की 65, सी.आई.एस.एफ. की 16, आई.टी.बी.पी. की 20 और एस.एस.बी. की 19 कंपनियां शामिल होंगी। आयोग ने पिछले चुनावों में सी.ए.पी.एफ. कर्मियों की अप्रभावी तैनाती को लेकर मिली शिकायतों के बाद यह कदम उठाया है।