पश्चिम बंगाल के कोलकाता के राजभवन ने एक पहल ‘सच के सामने’ शुरू की। इसमें पहले 100 आवेदकों को आज सुबह एक घटना का सीसीटीवी फुटेज दिखाया गया, जिसमें एक गैर-स्थायी महिला कर्मचारी ने राज्यपाल डॉ सीवी आनंद बोस पर उसके साथ छेड़छाड़ का आरोप लगाया था। राजभवन ने कहा है कि राज्यपाल ने पुलिस के अवैध और असंवैधानिक जांच के अंतर्गत शरारती और मनगढ़ंत आरोपों के बीच ये पहल शुरू की है। पुलिस ने आरोप लगाया है कि राजभवन इस घटना का सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध नहीं करा रहा है।
राज्यपाल ने फैसला किया है कि सीसीटीवी फुटेज को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और पुलिस को छोड़कर राज्य का कोई भी नागरिक देख सकता है। श्री बोस ने इन आरोपों को बेतुका नाटक बताया था और मुख्यमंत्री की राजनीति को गंदा करार दिया है। महिला कर्मचारी के राज्यपाल पर लगाए गए छेड़छाड़ के आरोप की जांच के लिए कोलकाता पुलिस ने एक जांच टीम का गठन किया है।