पश्चिम एशिया में संघर्ष पांचवें दिन भी जारी है। इज़राइल और अमरीका की संयुक्त सेनाओं ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमले किये हैं। वहीं ईरान ने भी ड्रोन हमले शुरू कर दिए हैं। ताजा ख़बरों के अनुसार, इज़राइल ने खुफिया जानकारी के इस्तेमाल से राजधानी तेहरान में परमाणु हथियार विकास केंद्र पर हमला किया। इससे ईरानी शासन की परमाणु हथियार विकसित करने की क्षमता का एक महत्वपूर्ण हिस्सा नष्ट हो गया। इज़राइल ने कहा कि अभियान शुरू होने के बाद से उसकी वायु सेना ने लगभग 300 ईरानी मिसाइल लॉन्चरों को निष्क्रिय कर दिया है। रक्षात्मक प्रयासों के तहत, इस्राएल की वायु सेना ईरानी शासन के बैलिस्टिक मिसाइल शस्त्रागारों और वायु रक्षा प्रणालियों पर लगातार हमले कर रही है।
इज़राइल ने लेबनान में भी अपने हवाई हमले तेज कर दिये हैं और हिज्बुल्ला से जुड़े लगभग 60 ठिकानों को निशाना बनाया है। इनमें लेबनान के टायर और सिडोन क्षेत्रों में हिजबुल्लाह और हमास से संबंधित हथियार भंडारण सुविधाएं, मिसाइल लॉन्चर, कमान केंद्र और अन्य आतंकवादी ढांचा शामिल हैं।
इसके अलावा, अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ट्रुथ सोशल पोस्ट में कहा कि ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के लॉन्च के बाद से, पश्चिम एशिया क्षेत्र से 9 हजार से अधिक अमरीकी नागरिक सुरक्षित रूप से स्वदेश लौट आए हैं। अमरीकी केंद्रीय कमान ने यह भी आरोप लगाया है कि ईरानी शासन पूरे क्षेत्र में अधिकतम नुकसान पहुंचाने के प्रयास में अंधाधुंध मिसाइल दागने के लिए मोबाइल लॉन्चरों का उपयोग कर रहा है।
दूसरी ओर, ईरान ने पश्चिम एशिया के कई देशों पर अपने हमले जारी रखे हैं। संयुक्त अरब अमीरात के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसके वायु रक्षा तंत्र ने कल 11 बैलिस्टिक मिसाइलों और 123 ड्रोन को रोका, जबकि एक मिसाइल देश की सीमा के भीतर गिरी। हालाकि इससे कोई जानमाल का नुकसान नहीं हुआ।
इस बीच, ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा कि अमरीका ने इज़राइल की ओर से युद्ध छेड़ा है और उसे ईरान से कभी कोई खतरा नहीं था।