पश्चिम एशिया में संघर्ष और तीव्र हो गया है। ईरान और इजरायल-अमरीकी बलों ने नए मिसाइल और ड्रोन हमले शुरू किए हैं। ईरान समर्थित मिलिशियाओं ने संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत और बहरीन सहित खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया। इजरायल और अमेरिका ने तेहरान में दर्जनों ठिकानों पर हमला किया, जिनमें ईरानी सैन्य और खुफिया ठिकाने शामिल हैं।
इस बीच अमरीकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प ने कहा कि उनका उद्देश्य ईरान की मिसाइल क्षमताओं को नष्ट करना, उसकी नौसेना को समाप्त करना और यह सुनिश्चित करना है कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार हासिल न कर सके। एक निजी मीडिया चैनल को दिए साक्षात्कार में, ट्रम्प ने कहा कि ईरान के साथ संघर्ष में अभी ‘बड़ी कार्रवाई’ बाकी है। साथ ही ट्रम्प ने आवश्यकता पड़ने पर ईरान में अमरीकी सेना भेजने की संभावना से भी इनकार नहीं किया।
अमरीकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने यह भी कहा कि अमरीकी सेना की ओर से अभी सबसे कड़े हमले होने बाकी हैं और अगला चरण ईरान के लिए और अधिक कठोर होगा। उन्होंने कहा कि इस अभियान के पूरा होने के बाद दुनिया एक सुरक्षित स्थान बन जाएगी।
पेंटागन में एक प्रेस वार्ता के दौरान, अमरीकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि पहले 48 घंटों में 1,250 से अधिक ठिकानों पर हमले किए गए हैं। इस बीच, इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बेत शेमेश शहर का दौरा किया और तेहरान से दागी गई मिसाइलों से प्रभावित नागरिकों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि ‘ऑपरेशन रोअरिंग लायन’ का यह तीसरा दिन है, जिसका उद्देश्य इस्राइल, अमरीकी और पूरी दुनिया के खिलाफ मौजूद खतरों को समाप्त करना है।
वही, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने कहा कि उसके सर्वोच्च नेता और अन्य शीर्ष अधिकारियों की मौत से ईरान कमजोर नहीं हुआ बल्कि और मजबूत हुआ है। इसी बीच, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान ने जनरल माजिद इब्नेलरेज़ा को कार्यवाहक रक्षा मंत्री नियुक्त किया है।
दूसरी ओर, संयुक्त अरब अमीरात के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उनकी वायु रक्षा प्रणाली ने 9 बैलिस्टिक मिसाइलें, 6 क्रूज मिसाइलें और 148 ड्रोन को मार गिराया। मंत्रालय ने अनुसार, अब-तक 174 बैलिस्टिक मिसाइलों में से 161 को नष्ट कर दिया गया, जबकि 13 समुद्र में गिर गईं। कुल 689 ईरानी ड्रोनों का भी पता लगाया गया, जिनमें से 645 को रोक दिया गया, जबकि 44 ड्रोन देश की सीमा के भीतर गिरे। इसके अलावा, ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा कि अमरीकी-इस्राइली बमबारी में एक बालिका प्राथमिक विद्यालय की 160 से अधिक छात्राओं की मौत हुई है।