पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने आज रोहतक, मानेसर, पानीपत और करनाल की कार्य योजनाओं की विस्तृत समीक्षा के लिए एक बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में श्री यादव ने पीएम 10 के उच्च स्तर और लगातार बनी हुई वायु प्रदूषण संबंधी समस्याओं पर चिंता व्यक्त की। इनमें ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, निर्माण और कचरा, विशेष रूप से औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़ी समस्याएं शामिल हैं।
बैठक के दौरान श्री यादव ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र-एन.सी.आर के सभी जिला अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे स्थापना और संचालन की अनुमतियों, कुल वाणिज्यिक बिजली कनेक्शनों और जीएसटी पंजीकरण वाली औद्योगिक इकाइयों से संबंधित आंकड़े एकत्र करें।
इन आंकड़ों का सह-संबंध स्थापित करके अवैध रूप से संचालित और नियमों का पालन न करने वाली औद्योगिक इकाइयों की पहचान की जानी है। इसमें ऑनलाइन सतत उत्सर्जन निगरानी प्रणाली और वायु प्रदूषण नियंत्रण उपकरण की स्थापना के संबंध विशेष ध्यान दिया जाना है।
पर्यावरण मंत्री ने वास्तविक समय में वायु गुणवत्ता की निगरानी के लिए समीर ऐप से एकीकृत स्वचालित सतत परिवेशी वायु गुणवत्ता निगरानी स्टेशनों की संख्या बढ़ाने का भी निर्देश दिया है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि एनसीआर के सभी शहरों को राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के अंतर्गत लाया जाना चाहिए।