नीति आयोग ने आज नई दिल्ली में विकसित भारत और नेट ज़ीरो की दिशा में परिदृश्यों पर अध्ययन रिपोर्ट जारी की। इन रिपोर्टों में भवन, कृषि, अपशिष्ट और परिवर्तन के सामाजिक प्रभावों पर क्षेत्रवार विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। इस श्रृंखला में भारत के दीर्घकालिक परिवर्तन मार्गों को रेखांकित किया गया है। जिसमें व्यापक आर्थिक प्रभाव, बिजली, उद्योग, परिवहन, भवन, कृषि और अपशिष्ट क्षेत्रों, वित्तपोषण की आवश्यकताएं, महत्वपूर्ण खनिजों का आकलन और परिवर्तन के सामाजिक प्रभाव शामिल हैं।
नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बी.वी.आर. सुब्रह्मण्यम ने एक समन्वित, दीर्घकालिक रणनीति की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि देश के रोजगार परिदृश्य में बदलाव आने वाला है। श्री सुब्रह्मण्यम ने युवाओं को रोजगार के लिए कौशल प्रदान करने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि देश की भविष्य की बिजली आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा नवीकरणीय ऊर्जा, परमाणु ऊर्जा और हरित हाइड्रोजन जैसे नए स्रोतों से निर्मित होगा।
इससे पहले नीति आयोग ने बिजली, परिवहन, उद्योग और महत्वपूर्ण खनिजों की मांग और आपूर्ति के आकलन पर आधारित चार क्षेत्रीय रिपोर्ट जारी कीं।