नीति आयोग ने आज नई दिल्ली में राजकोषीय स्वास्थ्य सूचकांक 2026 का दूसरा वार्षिक संस्करण जारी किया। रिपोर्ट में राज्यों के राजकोषीय स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने के लिए कई नीतिगत प्राथमिकताओं का उल्लेख किया गया है। इनमें राजस्व जुटाने में वृद्धि और राज्य की स्वयं की कर क्षमता को मजबूत करना और पूंजीगत व्यय की संरचना तथा गुणवत्ता में सुधार करना शामिल है।
इस अवसर पर नीति आयोग के उपाध्यक्ष सुमन बेरी ने कहा कि राज्य स्तर पर राजकोषीय सुशासन को मजबूत करना, व्यापक आर्थिक स्थिरता बनाए रखने और भारत की विकास गति को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण होगा। उन्होंने कहा कि राजकोषीय स्वास्थ्य सूचकांक जैसे व्यवस्थित बेंचमार्किंग उपकरण राज्यों को संरचनात्मक राजकोषीय चुनौतियों की पहचान करने और नीतिगत सुधारों को अपनाने में भी सहायता करेंगे।
नीति आयोग की मुख्य कार्यकारी अधिकारी निधि छिब्बर ने कहा कि राज्यों में राजकोषीय सुगमता में सुधार दीर्घकालिक विकास को बनाए रखने, क्षेत्रीय असमानताओं को कम करने और भारत की विकास आकांक्षाओं को साकार करने के लिए केंद्रीय महत्व रखता है।