जनवरी 13, 2026 8:09 अपराह्न

printer

निर्वासन के बाद अफगान महिलाएं और परिवार झेल रहे हैं गरीबी और आवास संकट

पाकिस्तान और ईरान से निर्वासित की गई हजारों अफगान महिलाएं और परिवार गरीबी, आवास की कमी तथा बढ़ती मानवाधिकार चिंताओं का सामना कर रहे हैं। अंतर्राष्ट्रीय प्रवासन संगठन-आईओएम ने चेतावनी दी है कि 20 लाख से अधिक स्वदेश लौटने वालों को आजीविका संबंधी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्टों के अनुसार, अफगानिस्तान से लौटे लोगों में से केवल 11% ही रोजगार प्राप्त कर रहे हैं, जबकि चार में से एक के पास पर्याप्त आवास नहीं है। आधे से अधिक परिवार बुनियादी जरूरतों को भी पूरा नहीं कर पा रहे हैं, और महिला प्रधान परिवारों को खाद्य असुरक्षा और बेरोजगारी का सामना करना पड़ रहा है। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्टों से पता चलता है कि पाकिस्तान से लौटने वालों में लगभग आधी महिलाएं हैं और ईरान से लौटने वालों में एक तिहाई महिलाएं हैं। संयुक्त राष्ट्र ने कहा कि लगभग 75% अफ़गान बेरोजगार हैं, जबकि 90% गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन कर रहे हैं।