मार्च 21, 2026 8:05 पूर्वाह्न

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निर्वाचन आयोग ने विधानसभा चुनावों और उपचुनावों से पहले इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया पर राजनीतिक विज्ञापनों के पूर्व-प्रमाणीकरण को अनिवार्य किया

निर्वाचन आयोग ने असम, केरलम, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल तथा पुद्दुचेरी में आगामी विधानसभा चुनाव और छह राज्यों में होने वाले उपचुनावों के बीच इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया पर राजनीतिक विज्ञापनों को विनियमित करने का आदेश जारी किया है।

आदेश के अनुसार, सभी राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों और व्यक्तियों या संगठनों को भी अपने विज्ञापन प्रकाशित करने से पहले उन्हें मीडिया प्रमाणीकरण और निगरानी समिति – एम.सी.एम.सी. से अनुमोदित करवाना आवश्यक होगा।

यह नियम टेलीविजन, रेडियो, सार्वजनिक प्रदर्शन स्क्रीन, ई-पेपर, एस.एम.एस., वॉइस मैसेज और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म प्रसारित होने वाले विज्ञापनों पर लागू होगा। प्रमाणीकरण के लिए जिला एम.सी.एम.सी. में आवेदन किया जा सकता है।

राज्य या केंद्र शासित प्रदेश में मुख्यालय वाले राजनीतिक दलों को राज्य स्तरीय एम.सी.एम.सी. में आवेदन करना होगा। आवेदन, निर्धारित समय सीमा के भीतर जमा करने होंगे।

आयोग ने निर्वाचन क्षेत्र परिषदों को मीडिया में संदिग्ध समाचारों पर कड़ी निगरानी रखने और उचित कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए हैं। उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करते समय हलफनामे में अपने प्रामाणिक सोशल मीडिया खातों का विवरण देना अनिवार्य है।

राजनीतिक दलों को विधानसभा चुनाव समाप्त होने के 75 दिन के भीतर सोशल मीडिया सहित इंटरनेट के माध्यम से प्रचार पर किए गए खर्च का विवरण भी निर्वाचन आयोग को देना होगा।

राज्य स्तर पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी की अध्यक्षता में एक अपीलीय समिति भी गठित की गई है, जहां दल या उम्मीदवार, निर्वाचन क्षेत्र परिषद द्वारा लिए गए निर्णयों को चुनौती दे सकते हैं।

ये कदम चुनाव प्रचार में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए हैं।