निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल में जारी विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया-एस.आई.आर. के अन्तर्गत बड़ी संख्या में मतदाताओं के दस्तावेज़ ऑनलाइन अपलोड करने में विफल रहने के लिए संबंधित निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों-ई.आर.ओ. और सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों-ए.ई.आर.ओ. को कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्णय लिया है।
सुनवाई समाप्त होने के चार दिन बाद भी लगभग एक लाख पंद्रह हजार दस्तावेज़ अभी तक अपलोड नहीं किए गए हैं।
आयोग ने सभी ई.आर.ओ और ए.ई.आर.ओ को स्पष्ट रूप से निर्देश दिया था कि यदि कोई आवेदन अस्वीकृत किया जाता है, तो उसका विशिष्ट कारण स्पष्ट रूप से बताया जाना चाहिए। हालांकि, आरोप सामने आए हैं कि कई मामलों में इस नियम का उल्लंघन हुआ है। निपटान प्रक्रिया भी कथित तौर पर धीमी गति से चल रही है, और कुछ क्षेत्रों में अचानक सिस्टम में खराबी की सूचना मिली है।
इस बीच, तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि विशेष मतदाता सूची पर्यवेक्षक सी. मुरुगन ने व्हाट्सएप के माध्यम से अधिकारियों को निर्देश जारी करके सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का उल्लंघन किया है।
आरोपों का जवाब देते हुए राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि श्री मुरुगन ने कोई स्वतंत्र निर्देश जारी नहीं किए थे, बल्कि उन्होंने केवल आयोग के निर्देशों की व्याख्या की थी। उन्होंने आगे कहा कि तृणमूल कांग्रेस की शिकायत के मद्देनजर श्री मुरुगन से बात की जाएगी।