निर्वाचन आयोग और राज्य चुनाव आयुक्तों का राष्ट्रीय गोलमेज सम्मेलन नई दिल्ली में, राष्ट्रीय घोषणा 2026 की सर्वसम्मति से स्वीकृति के साथ संपन्न हो गया है। इसकी घोषणा में कहा गया है कि निष्पक्ष मतदाता सूची तैयार करना लोकतंत्र की आधारशिला है और चुनावों का पारदर्शी तथा कुशल संचालन लोकतंत्र को मजबूत बनाता है।
इसमें कहा गया है कि राष्ट्रीय और संवैधानिक हित में, आयोग ने देश भर के सभी राज्य चुनाव आयुक्तों के साथ सभी संभावित चुनाव प्रक्रियाओं के लिए पारस्परिक रूप से स्वीकार्य तंत्र और कानूनी रूप से व्यवहार्य ढांचे विकसित करने का सुझाव दिया है।
इससे पहले आज, मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने अपने संबोधन में मतदाता सूचियों की शुद्धता पर जोर देते हुए कहा कि सभी पात्र मतदाताओं को मतदाता सूचियों में शामिल करने और अपात्र मतदाताओं को इससे बाहर रखने के लिए विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) प्रक्रिया शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में 12 राज्यों में एसआईआर प्रक्रिया चल रही है और इनमें से 11 राज्यों ने अपनी मतदाता सूचियां प्रकाशित कर दी हैं।
गोलमेज सम्मेलन 27 वर्षों के अंतराल के बाद आयोजित किया जा रहा है। पिछला ऐसा सम्मेलन वर्ष 1999 में हुआ था।