पिछले चुनाव में कम मतदान प्रतिशत वाले 11 राज्यों के निगमायुक्तों और चयनित चुनाव अधिकारियों के साथ निर्वाचन आयोग की बैठक जारी है। बैठक की अध्यक्षता मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार तथा निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और सुखबीर सिंह संधू कर रहे हैं।
बैठक में मतदान प्रतिशत बढाने के उपायों पर विचार-विमर्श होगा। देश के कुछ शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में कम मतदान की समस्या के समाधान के लिए लक्षित और विशिष्ट कार्य योजनाएं तैयार की जाएंगी। दिल्ली, मुम्बई, चेन्नई, बेंगलुरू, हैदराबाद, अहमदाबाद, पुणे, ठाणे, नागपुर, पटना साहिब, लखनऊ और कानपुर के निगम आयुक्त तथा बिहार और उत्तर प्रदेश के कुछ चयनित जिलों के चुनाव अधिकारी विचार-विमर्श में शामिल हैं। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने शहरी क्षेत्रों में मतदान के प्रति उदासीनता और ग्रामीण क्षेत्रों से पलायन के मुद्दे को कम मतदान प्रतिशत का कारण बताया है।
2019 के लोकसभा चुनाव में 11 राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों में मतदान प्रतिशत, 67 दशमलव चार-शून्य प्रतिशत के राष्ट्रीय औसत से कम रहा था। जिन 50 संसदीय सीटों में सबसे कम मतदान दर्ज हुआ उनमें 17, महानगरों या बडे शहरों के थे। यह आंकडा शहरी क्षेत्र में मतदान के प्रति उदासीनता दर्शाता है। मतदान प्रतिशत बढाने की रणनीति तैयार करने के लिए कम मतदान वाले नौ राज्यों के 50 से अधिक ग्रामीण संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों की भी पहचान की गई है।