केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि नशे के ख़िलाफ़ लड़ाई में कार्रवाई और क्रियान्वयन को बढ़ाने का समय आ गया है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार छोटे नशा तस्करों और बड़े नशा तस्करों, दोनों के ख़िलाफ़ निर्मम कार्रवाई कर रही है।
गृह मंत्री अमित शाह ने आज नई दिल्ली में राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों के मादक पदार्थ रोधी कार्यबल प्रमुखों के दूसरे राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन किया। श्री शाह ने कहा कि देश में नशा तस्करी के प्रवेश, वितरण, स्थानीय बिक्री और सरगनाओं को निशाना बनाने के लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब लड़ाई सिर्फ़ छोटे पैमाने के नशा तस्करों को पकड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि तीन तरह के तस्करों को निशाना बनाने की है: प्रवेश बिंदुओं पर सक्रिय तस्कर, प्रवेश बिंदुओं से राज्यों में नशा वितरित करने वाले तस्कर और राज्यों के भीतर छोटे इलाकों में नशा बेचने वाले तस्कर। उन्होंने हर राज्य से तीनों तरह के तस्करों को निशाना बनाने के लिए एक उच्च-स्तरीय रणनीति बनाने का आग्रह किया, जिसमें राज्य और ज़िला पुलिस शामिल हो। उन्होंने इन कार्टेलों पर अंकुश लगाने के लिए डार्कनेट विश्लेषण, क्रिप्टोकरेंसी ट्रैकिंग, संचार पैटर्न विश्लेषण, लॉजिस्टिक्स, वित्तीय प्रवाह विश्लेषण, मेटाडेटा विश्लेषण और मशीन लर्निंग मॉडल जैसी तकनीकों को अपनाने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
श्री शाह ने बताया कि नशा मुक्त भारत अभियान वर्तमान में देश भर के 372 जिलों में चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस अभियान से दस करोड़ लोग और तीन लाख शैक्षणिक संस्थान जुड़े हुए हैं। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि यह अभियान देश के हर जिले में चलाया जाना चाहिए और सभी शैक्षणिक संस्थानों को इससे जोड़ा जाना चाहिए। श्री शाह ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई तभी सफल हो सकती है जब केंद्र और राज्य सरकारों के सभी विभाग एक साथ मिलकर एक ही दिशा में आगे बढ़ें।
गृह मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार देश से नशे के खात्मे के लिए प्रतिबद्ध है। श्री शाह ने कहा कि भगोड़ों का निर्वासन और प्रत्यर्पण आवश्यक है और अब समय आ गया है कि विदेशों से सक्रिय सभी नशा तस्करों को भारतीय कानूनों के दायरे में लाया जाए। उन्होंने सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि इससे न केवल नशीले पदार्थों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी, बल्कि आतंकवाद और अन्य अपराधों पर भी अंकुश लगेगा।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के दृष्टिकोण को साकार करने के लिए देश के युवाओं को नशीले पदार्थों से बचाने के महत्व पर बल दिया।
36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मादक पदार्थ निरोधक कार्यबल के प्रमुखों के अलावा, अन्य सरकारी विभागों के हितधारक भी इस सम्मेलन में भाग ले रहे हैं। यह दो दिवसीय सम्मेलन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नशा मुक्त भारत के प्रति प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करने और इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए एक रोडमैप तैयार करने हेतु एक रणनीतिक मंच के रूप में कार्य करेगा।
इस अवसर पर, गृह मंत्री ने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की वार्षिक रिपोर्ट- 2024 जारी की और ऑनलाइन मादक पदार्थ निपटान अभियान का शुभारंभ किया। सम्मेलन के दौरान, आठ तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएँगे जिनमें नशा मुक्त भारत @2047, जाँच और मुकदमों में प्रभावशीलता में सुधार, और नेटवर्क लिंकेज और कार्टेल को समाप्त करना शामिल हैं। सम्मेलन का विषय है: संयुक्त संकल्प, साझा जिम्मेदारी।