77वें गणतंत्र दिवस समारोह के समापन के उपलक्ष्य में नई दिल्ली के विजय चौक पर बीटिंग रिट्रीट समारोह आयोजित किया गया। समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय मंत्री उपस्थित रहे।
सशस्त्र बलों के बैंड ने वंदे मातरम, भारत के शान, ऐ वतन, ऐ वतन और सारे जहां से अच्छा जैसे देशभक्ति गीतों की धुनों पर मंत्रमुग्ध कर देने वाली प्रस्तुतियां दी। समारोह में भारतीय वायु सेना के बैंड ने ऑपरेशन सिंदूर पर एक विशेष प्रस्तुति दी। इसमें ऑपरेशन के दौरान सशस्त्र बलों के शौर्य और बलिदान को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इसमें भारतीय सेना, नौसेना, वायु सेना और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के बैंड शामिल थे।
समारोह की शुरुआत सामूहिक बैंड के कदम कदम बढ़ाए जा के साथ हुई, जिसके बाद अतुल्य भारत, वीर सैनिक, मिली झुली, नृत्य सरिता, मारूनी और झेलम जैसे पाइप और ड्रम बैंड की मधुर धुन प्रस्तुत की गईं। केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के बैंड ने विजय भारत, हथरोही, जय हो और वीर सिपाही बजाया। वायु सेना ने ब्रेव वॉरियर, ट्वाइलाइट, अलर्ट और फ्लाइंग स्टार धुन बजाईं। जबकि, नौसेना बैंड ने नमस्ते, सागर पवन, मातृभूमि, तेजस्वी और जय भारती धुन बजाईं। भारतीय सेना के बैंड ने विजयी भारत, आरंभ है, प्रचंड है, ऐ वतन ऐ वतन, आनंद मठ, सुगम्य भारत और सितारे हिंद बजाया। इसके बाद सामूहिक बैंड ने ‘भारत के शान, वंदे मातरम और ड्रमर्स कॉल’ जैसी धुन बजाईं। कार्यक्रम का समापन बिगुल वादकों द्वारा बजाए गए सदाबहार गीत ‘सारे जहां से अच्छा’ के साथ हुआ।
इस वर्ष, विजय चौक पर आगंतुकों के बैठने के स्थानों के नाम भारतीय संगीत वाद्ययंत्रों के नाम पर रखे गए। इनमें बांसुरी, डमरू, एकतारा, एसराज, मृदंगम, नगाड़ा, वीणा आदि शामिल हैं, जो देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करते हैं।