जनवरी 30, 2026 9:09 अपराह्न

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नई दिल्ली में 16 से 20 फरवरी तक आयोजित होगा इंडिया-एआई इम्पैक्ट शिखर सम्मेलन 2026

इंडिया-एआई इम्पैक्ट शिखर सम्‍मेलन 2026 इस साल 16 से 20 फरवरी तक नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित किया जाएगा। यह शिखर सम्‍मेलन ग्लोबल साउथ में आयोजित होने वाला पहला वैश्विक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस शिखर सम्‍मेलन होगा। इस शिखर सम्‍मेलन का उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का वैश्विक लोकतंत्रीकरण करना और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के अंतर को पाटना है, साथ ही स्वदेशी और स्थानीय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस समाधानों के विकास को समर्थन देना है। यह स्‍वास्‍थ्‍य सेवा, कृषि और शासन सहित अन्य क्षेत्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस फॉर गुड समाधानों के विकास पर भी ध्यान केंद्रित करेगा। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस शासन और नवाचार के वैश्विक मानकों और मॉडलों को विकासशील दुनिया की आवश्‍यकताओं के अनुरूप बनाएगा।

नई दिल्ली में आज एक संवाददाता सम्‍मेलन को संबोधित करते हुए केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इंडिया-एआई इम्पैक्ट शिखर सम्‍मेलन को दुनिया भर से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली है। यह अब तक का सबसे बड़ा एआई शिखर सम्‍मेलन बनने जा रहा है। उन्होंने एआई वैल्यू चेन में काम करने वाले उद्योगपतियों, डेवलपर्स और नवोन्‍मेषकों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हाल की बातचीत का उल्‍लेख किया। श्री वैष्‍ण ने कहा कि प्रमुख सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों ने 200 से अधिक केंद्रित, क्षेत्र-विशिष्ट एआई मॉडल विकसित किए हैं। इन्हें एआई इम्पैक्ट शिखर सम्‍मेलन के दौरान शुभारंभ करने का प्रस्ताव है।

श्री वैष्णव ने कहा कि यह शिखर सम्‍मेलन सात विषयों पर आधारित होगा। इनमें ह्यूमन कैपिटल, सामाजिक सशक्तिकरण समावेशन, सुरक्षित और विश्वसनीय एआई, लचीलापन, नवाचार और दक्षता, एआई संसाधनों का लोकतंत्रीकरण और आर्थिक विकास और सामाजिक कल्‍याण के लिए एआई शामिल हैं। उन्होंने बताया कि अब तक 15 राष्ट्राध्यक्षों/सरकार प्रमुखों ने इस कार्यक्रम में अपनी भागीदारी की पुष्टि की है। श्री वैष्‍णव ने कहा कि मुख्‍य कार्यकारी अधिकारियों सहित 100 से अधिक वैश्विक नेता आगामी शिखर सम्‍मेलन में भागीदारी करने जा रहे हैं।

इस अवसर पर इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन ने कहा कि इंडिया एआई इम्पैक्ट शिखर सम्‍मेलन का मुख्य उद्देश्य प्रौद्योगिकी, विशेष रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लोकतंत्रीकरण को आगे बढ़ाना है, ताकि इसके लाभ समाज के एक बड़े वर्ग तक पहुंच सकें।