राष्ट्रीय महिला आयोग ने धर्मशाला रैगिंग और यौन उत्पीड़न मामले का स्वत: संज्ञान लिया है। इस घटना में एक 19 वर्षीय छात्रा की उपचार के दौरान मृत्यु हो गई। आयोग ने इस हरकत की कड़ी आलोचना करते हुए इसे घृणित, अमानवीय और निंदनीय कृत्य कहा है। आयोग ने कहा कि यह कृत्य छात्रा के जीवन, मर्यादा और अधिकारों की पूर्ण अवमानना है।
आयोग ने इसे शैक्षणिक परिसरों में सुरक्षा तंत्र की असफलता बताया है। महिला आयोग की अध्यक्ष ने हिमालच प्रदेश के पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर तत्काल प्राथमिकी दर्ज करने और सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने का निर्देश दिया है। अध्यक्ष ने स्वतंत्र और समयबद्ध जांच करवाने, पोस्टमार्टम और चिकित्सा रिकॉर्ड के संरक्षण तथा भारतीय न्याय संहिता के तहत कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया है।