उत्तर प्रदेश में गणतंत्र दिवस के अवसर पर राजधानी लखनऊ स्थित विधान भवन में एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। परंपरा के अनुसार, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी, उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में परेड की सलामी ली।
कर्नाटक में 77वें गणतंत्र दिवस का उत्सव देशभक्ति की भावना और सांस्कृतिक समारोहों के साथ मनाया गया। राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने बेंगलुरु में राष्ट्रीय ध्वज फहराया और गणतंत्र दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह वह दिन है जब नए भारत का संविधान लागू हुआ था, जिसमें सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय के मामलों में सभी की समानता की घोषणा की गई थी और भेदभावपूर्ण औपनिवेशिक और पुरातन कानूनों को समाप्त किया गया था। उन्होंने कहा कि हमें किसी भी परिस्थिति में केवल राजनीतिक लोकतंत्र से संतुष्ट नहीं होना चाहिए। हमें अपने राजनीतिक लोकतंत्र को सामाजिक लोकतंत्र बनाना होगा।
देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव की भावना से ओतप्रोत नागालैंड में भी आज 77वां गणतंत्र दिवस मनाया।
सिक्किम ने भी देश के साथ 77वें गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में भाग लिया। मुख्य समारोह गंगटोक के पालजोर स्टेडियम में आयोजित किया गया, जहां राज्यपाल ओम प्रकाश माथुर मुख्य अतिथि थे। सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
पंजाब में राज्य स्तरीय गणतंत्र दिवस कार्यक्रम फाजिल्का में आयोजित किया गया, जहां राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने ध्वज फहराया और परेड से सलामी ली। अमृतसर के अटारी बॉर्डर पर भी समारोह आयोजित किए गए।
गुरुओं, शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करते हुए राज्यपाल ने कहा कि पंजाब की त्याग, वीरता और प्रगति की भावना राष्ट्र को प्रेरित करती रहेगी।