दिल्ली सरकार ने धूल प्रदूषण को नियंत्रित करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए सभी निर्माण और तोड़फोड़ यानी सी एंड डी साइट्स पर लगभग 100 जीएसएम मोटाई वाले ग्रीन नेट का इस्तेमाल अनिवार्य कर दिया गया है। दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति ने इस संबंध में नए निर्देश जारी कर दिए हैं और इन्हें तत्काल प्रभाव से लागू करने को कहा गया है। पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि सरकार सख्त नियम, तकनीक आधारित निगरानी और वैज्ञानिक उपायों से प्रदूषण कम करने पर काम कर रही है।
श्री सिरसा ने कहा कि हाई-डेंसिटी डस्ट स्क्रीन प्रभावी धूल नियंत्रण के लिए बेहद जरूरी हैं। साथ ही, उन्होंने कहा कि सरकार एंटी-पॉल्यूशन नियमों का पालन जमीनी स्तर पर सुनिश्चित करेगी। श्री सिरसा ने बताया कि नए नियम के अंतर्गत निर्माण स्थलों, खुले निर्माण क्षेत्रों और जमा किए गए सी एंड डी मटेरियल को बेहतर तरीके से ढका जा सकेगा। इससे पीएम-2.5 और पीएम-10 जैसी कणिकीय पदार्थ और हानिकारक धूल कणों को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।