राजधानी में ट्रैफिक और प्रदूषण कम करने की दिशा में दिल्ली सरकार ने एक अहम फैसला लिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि सरकार ने ‘पूर्वी और पश्चिमी पेरिफेरल एक्सप्रेसवे’ की जमीन अधिग्रहण लागत में दिल्ली के बकाये हिस्से के भुगतान को मंजूरी दे दी है। इस एक्सप्रेसवे का उद्देश्य दिल्ली को भारी वाहनों के दबाव से राहत देना और वायु प्रदूषण को कम करना है। साल 2018 में शुरू हुए ये एक्सप्रेसवे हरियाणा और उत्तर प्रदेश के रास्ते दिल्ली के चारों ओर एक तरह का ट्रैफिक सुरक्षा घेरा बनाता हैं।
पूर्वी और पश्चिमी पेरिफेरल एक्सप्रेसवे, दोनों मिलकर दिल्ली के चारों ओर लगभग 135-135 किलोमीटर लंबे छह-लेन मार्ग बनाते हैं। इनकी वजह से ऐसे लाखों ट्रक और वाणिज्यिक वाहन अब शहर में प्रवेश नहीं करते। इससे सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम हुआ है और प्रदूषण में भी कमी आई है। सरकार के मुताबिक, इससे रिंग रोड, बाहरी रिंग रोड और प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों पर जाम कम हुआ है। साथ ही यात्रियों का समय और ईंधन दोनों की बचत हो रही है। मुख्यमंत्री ने कहा इससे भविष्य की बुनियादी ढांचे परियोजनाओं को भी गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह कदम दिल्ली को ‘स्मार्ट और प्रदूषण मुक्त’ शहर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।