शिक्षा का अधिकार अधिनियम-आरटीई में प्रवेश लेने के बाद बच्चों के ड्राप आउट के सही कारणों का पता लगाने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने सर्वे करने का फैसला किया है। यह सर्वे सरकारी स्कूलों के शिक्षकों के माध्यम से कराया जाएगा। प्रत्येक शिक्षक को आरटीई में ड्राप आउट हुए बच्चों के अभिभावकों का मोबाइल नंबर दिया जाएगा। शिक्षक, अभिभावकों से बात कर पता लगाएंगे कि बच्चे स्कूल क्यों नहीं जा रहे हैं। इसके लिए पारिवारिक कारण जिम्मेदार हैं या स्कूल प्रबंधन।
एक दिन पहले ही स्कूल शिक्षा सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने प्रदेश के सभी कलेक्टरों को पत्र जारी कर आरटीई के बच्चों की ड्राप आउट पर रिपोर्ट मांगी है।
गौरतलब है कि प्रदेश में आरटीई के तहत हर साल हजारों गरीब परिवार के बच्चों का निजी स्कूलों में दाखिला होता है। इन बच्चों की पढ़ाई का खर्च सरकार वहन करती है। इसके बावजूद ज्यादातर बच्चे एक या दो साल में पढ़ाई छोड़ देते हैं।
Site Admin | मई 22, 2024 7:43 अपराह्न
ड्राप-आउट के सही कारणों का पता लगाने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने सर्वे करने का फैसला किया