विदेश मंत्री सुब्रहृमण्यम जयशंकर ने कल नई दिल्ली में अरब लीग के सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। बैठकों का मुख्य उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना और पश्चिम एशिया की स्थिति को समझना था। ये वार्ताएं आज नई दिल्ली में होने वाली दूसरी भारत-अरब लीग विदेश मंत्री स्तरीय बैठक से पहले हुईं।
डॉ. जयशंकर ने कोमोरोस, लीबिया, सोमालिया और फिलिस्तीन के विदेश मंत्रियों से भी बातचीत की। उन्होंने अरब लीग के महासचिव अहमद अबुल घीत से भी मुलाकात की। डॉ. जयशंकर ने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग और मजबूती पर व्यापक चर्चा की। डॉक्टर जयशंकर ने कहा कि उन्होंने क्षेत्र में हाल के घटनाक्रमों पर भी चर्चा की। डॉ. जयशंकर ने सोमालिया के विदेश मंत्री अब्दिसलाम अली के साथ मुलाकात को सकारात्मक बताया। इस दौरान, द्विपक्षीय व्यापार, क्षमता निर्माण, शिक्षा, स्वास्थ्य, कांसुलर और बहुपक्षीय सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई।
डॉक्टर जयशंकर और लीबिया के विदेश मंत्री एल्ताहेर एल्बाउर ने व्यापार, कारोबार, अवसंरचना और ऊर्जा के क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। सोशल मीडिया पोस्ट में डॉ. जयशंकर ने कहा कि उन्होंने लीबिया की स्थिति पर श्री एल्बाउर द्वारा दी गई जानकारी की सराहना की। उन्होंने क्षेत्र में स्थायी शांति और स्थिरता के लिए संवाद और कूटनीति के प्रति भारत की प्रतिबद्धता पर जोर दिया।
सूडान के विदेश मंत्री सलीम अहमद इब्राहिम के साथ मुलाकात में विदेश मंत्री जयशंकर ने सूडान में हिंसा समाप्त करने और बातचीत शुरू करने का भारत का रुख दोहराया। डॉक्टर जयशंकर ने कहा कि उन्होंने वर्तमान मानवीय सहायता और शिक्षा तथा क्षमता निर्माण के क्षेत्र में आदान-प्रदान पर भी चर्चा की।
डॉक्टर जयशंकर ने फलिस्तीन के विदेश मंत्री वर्सेन अघाबेकियन शाहिन से भी मुलाकात की। उन्होंने कहा कि बैठक में दोनों नेताओं ने भारत और फलिस्तीन के बीच विकास और सहयोग की समीक्षा की और इसे आगे बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की। डॉक्टर जयशंकर कहा कि दोनों पक्षों ने गजा शांति योजना और क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर भी बातचीत की। डॉक्टर जयशंकर और कोमोरोस के विदेश मंत्री म्बाए मोहम्मद ने स्वास्थ्य, खेल, अवसंरचना और क्षमता निर्माण के क्षेत्र में सहयोग पर चर्चा की। इस दौरान, दोनों पक्षों के बीच अधिक नियमित बैठकों के महत्व पर सहमति बनी।