रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन-डीआरडीओ ने रक्षा विज्ञान और प्रौद्योगिकी में सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए 24वीं भारत-अमरीका संयुक्त तकनीकी समूह की पूर्ण बैठक की मेज़बानी की। दो दिवसीय बैठक कल नई दिल्ली में समाप्त हुई। बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडलों ने रक्षा विज्ञान और प्रौद्योगिकी में चल रहे सहयोग की समीक्षा की और संबंधित चुनौतियों पर चर्चा की। बदलती ज़रूरतों को पूरा करने के लिए महत्वपूर्ण और उभरती रक्षा प्रौद्योगिकी में सहयोग को और मज़बूत करने के प्रस्तावों की जांच की गई।
चर्चाओं में सहकारी अनुसंधान और विकास पहलों में विश्वविद्यालय से जुड़े अनुसंधान केंद्रों, रक्षा प्रयोगशालाओं और उद्योगों की भागीदारी बढ़ाने पर भी ध्यान केंद्रित किया गया।
बैठक की सह-अध्यक्षता डीआरडीओ के उत्पादन समन्वय और सेवा विमर्श के महानिदेशक डॉ. चंद्रिका कौशिक और अनुसंधान और इंजीनियरिंग के लिए युद्ध अवर सचिव के कार्यालय में महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी के लिए युद्ध सहायक सचिव श्री माइकल फ्रांसिस डोड ने की।
इस बैठक में अमरीका के युद्ध विभाग और विदेश विभाग के संस्थानों और प्रयोगशालाओं का प्रतिनिधित्व करने वाले वरिष्ठ अधिकारियों, वैज्ञानिकों और टेक्नोक्रेट्स के साथ-साथ डीआरडीओ के वैज्ञानिकों और भारत की तीनों सेनाओं, रक्षा मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय के अधिकारियों ने भाग लिया।