राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज झारखंड के जमशेदपुर के करंडीह इलाके में दिशोम जाहेरथान में संथाली भाषा की ओल चिकी लिपि के शताब्दी समारोह में भाग लिया। राष्ट्रपति ने जाहेरथान में पारंपरिक पूजा-अर्चना की और ओल चिकी लिपि के जनक पंडित रघुनाथ मुर्मु की प्रतिमा पर माल्यापर्ण किया।
22वें परसी महा संथाली सम्मेलन में अपनी मातृभाषा संथाली में बोलते हुए राष्ट्रपति ने संविधान को ओल चिकी लिपि में संथाली भाषा में अनुवाद के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ओल चिकी लिपि में अनुवाद टूल और एआई एप्लिकेशन विकसित किए जाने पर उन्हें प्रसन्नता होगी। इस अवसर पर राष्ट्रपति ने कहा कि ओल चिकी लिपि के शताब्दी वर्ष समारोह का आयोजन पंडित रघुनाथ मुर्मु के प्रयासों के कारण ही संभव हो पाया है। उन्होंने ओल चिकी लिपि में अपने लेखन से योगदान करने वाले लेखकों को भी सम्मानित किया।