प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि जैन संत श्रीमद् विजयरत्न सुंदर सुरीश्वरजी महाराज का ज्ञान महज किताबी नहीं है, बल्कि वह उनके जीवन से भी परिलक्षित होता है। श्री मोदी ने श्रीमद् सुरीश्वरजी महाराज की पांच सौवीं किताब के विमोचन पर अपने वीडियो संदेश में कहा कि उनका व्यक्तित्व आत्म-संयम, सादगी और स्पष्टता का अद्भुत संगम है। श्री मोदी ने कहा कि उनकी किताबें मनुष्य की सभी समस्याओं का सरल और आध्यात्मिक समाधान देती हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज जब दुनिया विभाजन और संघर्ष के दौर से गुज़र रही है, ऐसे में प्रेम नू विश्व, विश्व नू प्रेम का मंत्र हम सबको अपनाने की ज़रूरत है।
प्रधानमंत्री ने नवकार महामंत्र दिवस पर लिए गए नौ संकल्पों की चर्चा की। इनमें जल संरक्षण, एक पेड़ माँ के नाम, मिशन स्वच्छता, लोकल के लिए वोकल, प्राकृतिक खेती, स्वस्थ जीवन-शैली और गरीबों की मदद करना शामिल हैं।