केन्द्रीय पर्यावरण वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा है कि जी-20 को महत्वाकांक्षा और कार्यान्वयन के बीच एक सेतु का काम करना चाहिए ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि प्रत्येक राष्ट्र के योगदान का सम्मान हो और प्रत्येक राष्ट्र की क्षमता भी बढ़ सके।
वे कल दक्षिण अफ्रीका में जी-20 जलवायु एवं पर्यावरणीय स्थिरता कार्य समूह की मंत्रिस्तरीय बैठक के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि देश जैव विविधता और संरक्षण के लिए प्रस्तावित पारिस्थितिकी तंत्र-आधारित दृष्टिकोणों, सहभागी कार्यान्वयन और भूदृश्य-स्तरीय संरक्षण मॉडलों में सच्चा विश्वास रखता है और उनका समर्थन करता है।
उन्होंने जैव विविधता को वस्तु के रूप में प्रस्तुत करने में सावधानी बरतने की आवश्यकता पर भी ज़ोर दिया और इसकी गहन जाँच का आह्वान किया। श्री यादव ने कहा कि जलवायु सरंक्षण के साथ साथ विकास का समर्थन करता है लेकिन सभी देशों को समान रूप से जिम्मेदारी भी उठानी होगी।
श्री यादव ने कहा कि सार्थक और ठोस परिणाम प्राप्त करने के लिए समग्र सामाजिक दृष्टिकोण और लोगों को पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली अपनानी होगी। उन्होंने उन मूल बातों पर वापस लौटने की प्रासंगिकता तथा भविष्य की ओर बढ़ने के साथ इसे एकीकृत करने के महत्व का भी उल्लेख किया, जैसा कि पिछले वर्ष जी-20 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रेखांकित किया था।