जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा है लेखकों और कवियों का दायित्व कट्टरपंथी अलगाववादी प्रयासों का मुकाबला करने और युवाओं के बीच एकता को बढ़ावा देने का है। उपराज्यपाल ने कल जम्मू विश्वविद्यालय में ‘कवि सम्मेलन’ के दौरान यह बात कही। श्री सिन्हा ने राष्ट्र निर्माण में साहित्य की भूमिका का उल्लेख किया।
उन्होंने कवियों से अपनी अभिव्यक्ति के माध्यम से एक मजबूत राष्ट्रीय पहचान और सामाजिक एकता मजबूत करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि हमें सामाजिक सद्भाव और राष्ट्रीय शक्ति के लिए क्षेत्रीय साहित्य की क्षमता का पूरा लाभ उठाने के लिए उसे बढ़ावा देने पर भी ध्यान केंद्रित करना चाहिए। श्री सिन्हा ने कहा कि आत्मनिर्भर और विकसित भारत के लिए कला और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, विज्ञान और संस्कार दोनों ही महत्वपूर्ण हैं।
उपराज्यपाल ने कहा कि कविता न केवल सामाजिक चेतना का आधार है, बल्कि समाज के संकल्प का शिखर भी है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में जम्मू-कश्मीर की प्राचीन साहित्यिक परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को पुनर्जीवित करने के लिए केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन द्वारा की गई प्रमुख पहलों पर भी बात की।