छत्तीसगढ़ में अलग-अलग भर्तियों में स्थानीय निवासियों को निर्धारित अधिकतम आयु सीमा में पांच वर्ष की छूट दी जाएगी। यह फैसला मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में कल मंगलावार को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया। इसके तहत सशस्त्र सहायक प्लाटून कमाण्डर, मेल नर्स, फिमेल नर्स, प्रधान आरक्षक, लैब टेक्नीशियन, फार्मासिस्ट, कम्पाउंडर, ड्रेसर, नर्सिंग सहायक और आरक्षक पदों पर भर्ती के लिए स्थानीय निवासियों को आयु सीमा में छूट दी जाएगी।
मंत्रिमंडल ने नई शिक्षा नीति को भी लागू कर दिया है। इस नीति के तहत कक्षा पांचवीं तक के बच्चों को स्थानीय भाषा और बोली में शिक्षा दिए जाने का प्रावधान किया गया है, जिसमें छत्तीसगढ़ी सहित गोंडी, भतरी, हल्बी, सरगुजिहा जैसी भाषाएं शामिल की जाएंगी।
बैठक में प्रदेश के करीब अड़तालीस हजार आवासहीन परिवारों को मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत आवास स्वीकृत करने का फैसला लिया गया। वहीं, नवा रायपुर में आवासहीन, आर्थिक रूप से कमजोर और निम्न वर्ग के परिवारों को आवास मुहैया कराने के लिए पंजीयन की तिथि में तीन वर्ष की वृद्धि की गई है।
बैठक में वन अधिकार पत्रधारकों की मृत्यु होने पर परिजनों के नाम पर काबिज वन भूमि का हस्तांतरण राजस्व या वन अभिलेखों में दर्ज करने संबंधित कार्यवाही के लिए प्रक्रिया प्रारूप का अनुमोदन किया गया। वहीं, राज्य सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों के सफल क्रियान्वयन, सुशासन और जनसमस्याओं के समाधान के लिए ‘‘सुशासन तथा अभिसरण विभाग‘‘ का गठन किया गया है। अब सरकारी खरीदी जैम पोर्टल से की जाएगी।