प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल अनिल चौहान ने कहा है कि चीन-पाकिस्तान और बांग्लादेश के आपसी हितों में जुड़ाव की संभावना के कारण भारत की स्थिरता और सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ सकता है।
जनरल चौहान ने आब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन के एक कार्यक्रम मे कहा कि हिंद महासागर क्षेत्र के देशों में आर्थिक कठिनाइयों के कारण बाहरी शक्तियों को अपना प्रभाव बढाने का अवसर दिया है जो भारत के लिए एक संवेदनशील मामला है।
ऑपरेशन सिंदूर की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि पहली बार दो परमाणु शक्ति संपन्न देश युद्ध में आमने-सामने हुए थे। जनरल चौहान ने कहा कि भारत परमाणु हथियारों की धमकी से नहीं डरेगा और ऑपरेशन सिंदूर परमाणु शक्ति संपन्न दो देशों के बीच संघर्ष का एकमात्र उदाहरण है।