गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि मकर संक्रांति किसानों का त्यौहार है और एक तरह से ये लोग ही इस दिन अपने नए साल की शुरूआत करते हैं। नई दिल्ली में तीसरे अंतर्राष्ट्रीय पतंग उत्सव को संबोधित करते हुए श्री शाह ने कहा कि कवि कालिदास ने भारत के लिए बहुत ही सुंदर पंक्तियां लिखी थीं – उत्सव प्रियजन:- इसका मतलब यह है कि भारत के लोगों को त्यौहारों का शोक है। उन्होंने कहा कि देश के लोग हर मौसम में त्यौहार मनाते है। श्री शाह ने कहा कि इन त्यौहारों के माध्यम से संपूर्ण समाज साथ आता है और एक सामूहिक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ता है। उत्तरायण इसी परंपरा का हिस्सा है।
गृहमंत्री ने कहा कि साइमन कमीशन का देशभर में व्यापक रूप से विरोध हुआ था और साइमन वापस जाओ का नारा स्वतंत्रता आंदोलन का प्रतीक बन गया था। उन्होंने कहा कि साइमन कमीशन के खिलाफ सबसे मजबूत प्रदर्शन उत्तरायण पर हुआ जब देशभर में लोगों ने पतंगों पर साइमन वापस जाओ लिखकर उसे आसमान में उड़ाया और ब्रिटिश शासन को अपनी ताकत दिखाई।
सोमनाथ मंदिर पर पहले आक्रमण की एक हजार वर्ष पूरे होने पर सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के बारे में श्री शाह ने कहा कि जिन लोगों ने इसे तोड़ा था उनका नामो-निशान विश्व के मानचित्र में कहीं नहीं हैं, लेकिन सोमनाथ मंदिर उसी जगह पर पूरी शान से खड़ा है। उन्होंने कहा कि यह शाश्वत प्रकृति और सनातन धर्म का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह दर्शाते है कि भारतीय संस्कृति के मूलभूत तत्व शाश्वत है।
श्री शाह ने सभी देशवासियों विशेषकर किसानों को मकर संक्राति, पोंगल, लोहड़ी , माघबिहू और उत्तरायण के अवसर पर लोगों को शुभकामनाएं दी हैं। इस अवसर पर दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी उपस्थित थे।