विदेश मंत्रालय ने यूरोपीय संघ और असम सरकार के सहयोग से भारत-यूरोपीय संघ प्रवासन और गतिशीलता पर सहयोग तथा संवाद के अंतर्गत 12 फरवरी को गुवाहाटी में “भारत-यूरोपीय संघ प्रवासन अवसरों और पूर्वोत्तर गलियारे को जोड़ना” शीर्षक से एक राज्य स्तरीय सहभागिता कार्यक्रम का आयोजन किया। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि इस परियोजना का कार्यान्वयन भारतीय विश्व मामलों की परिषद, अंतर्राष्ट्रीय प्रवासन नीति विकास केंद्र और अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन द्वारा किया जा रहा है।
असम सरकार के मुख्य सचिव डॉ. रवि कोटा इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे। यूरोपीय संघ और उसके सदस्य देशों के प्रतिनिधियों, सिक्किम, नागालैंड और मणिपुर की राज्य सरकारों के प्रतिनिधियों और पूर्वोत्तर क्षेत्र के उद्योग संघों, भर्ती एजेंसियों, कौशल विकास संस्थानों और शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिष्ठित सदस्यों ने भी इस कार्यक्रम में भाग लिया।
इस राज्य स्तरीय सहभागिता कार्यक्रम ने प्रवासन और गतिशीलता पर भारत-यूरोपीय संघ के साझा एजेंडा के प्रति प्रतिबद्धता की पुष्टि की और पूर्वोत्तर क्षेत्र के संभावित प्रवासियों के लिए कानूनी मार्गों के माध्यम से श्रम बाजारों तक पहुंच बनाने के अवसर खोले, साथ ही यूरोपीय संघ के गंतव्य देशों के लिए आवश्यक कौशल आवश्यकताओं पर भी ध्यान केन्द्रित किया गया।