दिसम्बर 29, 2025 7:04 अपराह्न

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गंगा के तराई क्षेत्रों में लुप्तप्राय पक्षियों के संरक्षण को नई परियोजना मंजूर

सरकार ने गंगा के तराई वाले क्षेत्रों में लुप्तप्राय पक्षी प्रजातियों के संरक्षण के लिए भारतीय स्किमर सहित रेत के टीलों पर घोंसला बनाने वाले पक्षियों के प्रजनन स्थलों की रक्षा हेतु एक नई परियोजना को मंजूरी दी है। इस परियोजना को आज नई दिल्ली में स्वच्छ गंगा राष्ट्रीय मिशन -एनएमसीजी की कार्यकारी समिति की 68वीं बैठक में अनुमोदित किया गया। यह परियोजना पक्षी जगत पर केंद्रित अपनी तरह की पहली पहल है और डॉल्फ़िन, मछलियों और कछुओं आदि पर एनएमसीजी के कार्यों को आगे बढ़ाएगी। नमामि गंगा मिशन के दूसरे चरण के अनुरूप, यह परियोजना दीर्घकालिक निगरानी, ​​सामुदायिक भागीदारी और साक्ष्य-आधारित संरक्षण पर केंद्रित है। चंबल और गंगा के निचले इलाकों में घोंसलों की निगरानी की जाएगी और बिजनौर, नरोरा तथा प्रयागराज में भी इसे शुरू किया जाएगा। प्रशिक्षित स्थानीय समुदाय संवेदनशील रेत के टीलों की रक्षा करने, मानवीय हस्तक्षेप को कम करने और जागरूकता तथा क्षमता निर्माण पहलों में सहयोग करेंगे। बैठक की अध्यक्षता एनएमसीजी के महानिदेशक राजीव कुमार मित्तल ने की। बैठक में नदी के पारिस्थितिक पुनर्स्थापन, जैव विविधता संरक्षण, प्रकृति आधारित समाधानों के माध्यम से नवाचार, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण और अवसंरचना परियोजनाओं के त्वरित कार्यान्वयन को सुगम बनाने जैसे विषयों पर ध्यान केंद्रित किया गया।