कोलंबो के गंगारामया मंदिर में 48वां वार्षिक नवम पेराहेरा का भव्य आयोजन आज से शुरू हो गया। यह आयोजन कल तक चलेगा। वर्ष 1979 से इस पारंपरिक उत्सव को मनाने की परंपरा चली आ रही है। आज शाम हजारों पर्यटक और श्रीलंकाई नागरिक सड़कों के किनारे जुटे, जहां सजे-धजे हाथियों, पारंपरिक ढोलवादकों और नर्तकों के साथ भव्य शोभायात्रा ने शहर के बीचों-बीच से गुजरते हुए सभी का ध्यान आकर्षित किया। इस पारंपरिक पेराहेरा में पिछले एक सप्ताह से विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान और पूजा-अर्चना हुई।
गंगारामया मंदिर के मुख्य महंत, परम पूज्य डॉ. किरिंदे अस्साजी थेरो ने पेराहेरा के आयोजन और अगले सप्ताह प्रस्तावित देवनीमोरी अवशेषों की प्रदर्शनी के लिए भारत द्वारा दिए गए सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया।
नवम पेराहेरा, नवम पोया के दिन होता है, जो अरहत सारिपुत्त और अरहत मोग्गलाना को भगवान बुद्ध के मुख्य शिष्यों के रूप में नियुक्त करने का प्रतीक है।