केरल में प्रसिद्ध कुदामट्टम में सजे-धजे हाथियों के मस्तक पर छतरियों के रंगीन प्रदर्शन को देखने के लिए कल शाम हजारों दर्शक त्रिशूर के थेक्किंकाडु मैदान में एकत्र हुए। इस अवसर पर 15 हाथियों की दो पंक्तियां आमने-सामने खड़े होकर अलग-अलग रंग की छतरियाँ प्रदर्शित कर रही थीं। ये दोनों पंक्तियां तिरुवेम्बाडी और परमेक्कावु मंदिरों के बीच मैत्रीपूर्ण प्रतिद्वंद्विता के प्रतीक स्वरूप खड़ी होती हैं।
कुदामट्टम के बाद कल तड़के रंग-बिरंगी आतिशबाजी का प्रदर्शन किया जाएगा। इससे पहले कल दिन में मदाथिल वरावु पंचवाद्य मेलम और इलानजिथारा मेलम का एक संगीत समारोह हुआ जिसमें 200 से अधिक कलाकारों ने भाग लिया। इस पूरे समारोह को देखकर पूरम प्रेमी मंत्रमुग्ध हो गए।