केन्द्र सरकार ने वायु तथा जल अधिनियमों के अंतर्गत समान सहमति दिशा निर्देशों में संशोधन किया है। इससे अनुमोदन प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करके पर्यावरण अनुपालन को सुदृढ़ किया जा सकेगा। पर्यावरण, वन तथा जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने कहा कि इस कदम का उद्देश्य प्रक्रियात्मक विलंब को कम करना और पर्यावरण प्रशासन को सुदृढ़ करना है। मंत्रालय ने कहा कि ये संशोधन पर्यावरण सुरक्षा उपायों को बनाए रखते हुए अनुमोदन प्रक्रियाओं को तेज, स्पष्ट और अधिक कुशल बनाते हैं। ये संशोधन राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों और प्रदूषण नियंत्रण समितियों को सहमति आवेदनों के प्रसंस्करण और निरीक्षण करने में भी सहायता प्रदान करते हैं। इसके अलावा ये संशोधन, राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को पांच से 25 वर्ष तक की अवधि के लिए एकमुश्त संचालन सहमति शुल्क निर्धारित करने की अनुमति देते हैं। मंत्रालय ने कहा कि इस संशोधन से बार-बार शुल्क संग्रह और प्रशासनिक प्रक्रिया में कमी आती है। इसमें अधिसूचित औद्योगिक संपदाओं या क्षेत्रों में स्थित सूक्ष्म तथा लघु उद्यमों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं।
News On AIR | जनवरी 28, 2026 12:25 अपराह्न
केन्द्रो सरकार ने वायु तथा जल अधिनियमों के अंतर्गत समान सहमति दिशा निर्देशों में संशोधन किया