कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 31 मार्च तक किसानों के कल्याण के लिए राज्यों को आवंटित धनराशि का शत प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया है। उन्होंने कल नई दिल्ली में कई राज्यों के कृषि मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक में यह बात कही। बैठक में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना और कृषि उन्नति स्कीम की प्रगति की समीक्षा की गई। कृषि मंत्री ने कहा कि जमीनी स्तर पर किसानों तक लाभ पहुंचाने के लिए केंद्रीय निधियों का समय पर कुशल उपयोग जरूरी है।
श्री चौहान ने दोहराया कि प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान के तहत केंद्र सरकार किसानों को ठोस मूल्य समर्थन प्रदान कर रही है। रबी फसल के लिए मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र और गुजरात जैसे राज्यों में मूल्य समर्थन योजना के तहत चना, सरसों और मसूर की बड़े पैमाने पर खरीद को मंजूरी दी गई है।
श्री चौहान ने कहा कि आत्मनिर्भरता मिशन के तहत दलहन, पूर्व-पंजीकृत किसानों से अरहर, उड़द और मसूर की पूरी मात्रा 2030-31 तक केंद्रीय नोडल एजेंसियों के माध्यम से खरीदी जाएगी। उन्होंने कहा कि इस कदम से किसानों को सुनिश्चित बाजार और उचित मूल्य मिलेंगे, साथ ही दलहन उत्पादन में भारत की आत्मनिर्भरता भी मजबूत होगी। श्री चौहान ने कहा कि केंद्र और राज्यों के बीच समन्वित प्रयास मजबूत, लचीले और समृद्ध कृषि क्षेत्र की कुंजी है।