विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने मौसम विभाग द्वारा विकसित वेब-जीआईएस आधारित बहु-संकट पूर्व चेतावनी निर्णय सहायता प्रणाली- डी एस एस की सराहना की है, जिससे लगभग दो सौ पचास करोड़ रुपये की बचत हुई है और विदेशी विक्रेताओं पर निर्भरता समाप्त हुई है।
आज नई दिल्ली स्थित मौसम मुख्यालय के दौरे के दौरान उन्होंने आंतरिक प्रौद्योगिकी-संचालित पूर्वानुमान प्रणाली की समीक्षा की और कहा कि इससे वार्षिक रख-रखाव लागत में भी लगभग 5 करोड़ 50 लाख रुपये की कमी आई है, जिससे आत्मनिर्भरता के दृष्टिकोण को बल मिला है।
विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने नागरिक-केंद्रित अति-स्थानीय पूर्वानुमान मंच “मौसम ग्राम” की भी समीक्षा की। यह कई भारतीय भाषाओं में मौसम संबंधी अपडेट प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि इस पहल से पूर्वानुमान की सटीकता में 15 से 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, पूर्वानुमान तैयार करने का समय तीन घंटे कम हुआ है और पूर्वानुमान की अवधि पांच से सात दिन तक बढ़ गई है।
विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने अधिकारियों से मौसम संबंधी चेतावनियों को और अधिक सटीक और उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाने के लिए अधिक एआई-संचालित समाधानों को एकीकृत करने का आग्रह किया।