विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री जितेंद्र सिंह ने केन्द्रीय बजट 2026-27 को भविष्योन्मुखी बताया है। उन्होंने कहा कि यह बजट सदी की अगली तिमाही की रुपरेखा तैयार करता है। नई दिल्ली में आज डॉ. सिंह ने कहा कि बायो फार्मा शक्ति के लिए दस हजार करोड़ रुपये का आवंटन जैव-विनिर्माण क्षेत्र में भारत की स्थिति को मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि बजट में मध्यम वर्ग को राहत प्रदान करने पर भी ध्यान केंद्रित किया गया है, जिसमें कैंसर जैसी बीमारियों का उपचार सस्ता बनाने के उपाय शामिल हैं। डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कहा कि परमाणु संयंत्रों के घटकों के आयात पर सीमा शुल्क छूट को 2035 तक बढ़ाने से निवेशकों को प्रोत्साहन मिलेगा और परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में उच्च गुणवत्ता वाले बुनियादी ढांचे तक पहुंच सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी।
डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कहा कि यह बजट अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से समर्थित संरचनात्मक सुधारों से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि कार्बन उत्सर्जन कम करने की पहल के लिए बीस हजार करोड़ रुपये का आवंटन पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने में सहायता करेगा।
डॉ. सिंह ने कृषि में एआई के सुनियोजित उपयोग की भी घोषणा की, जिससे किसानों को प्रौद्योगिकी का लाभ मिलने के साथ ही इसके अनपेक्षित प्रभावों से भी सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
उन्होंने कहा कि बजट में समावेशिता सुनिश्चित की गई है, जिसमें सबसे गरीब वर्गों को सीधे लाभ प्रदान करने वाली उपाय जैसे कि महिला नेतृत्व वाले उद्यमिता कार्यक्रम और विज्ञान आधारित हस्तक्षेपों के माध्यम से आजीविका सृजन शामिल हैं।