गृह मंत्री अमित शाह ने हिमाचल प्रदेश में प्राकृतिक आपदाओं की आवृत्ति और सघनता को देखते हुए एक बहु-क्षेत्रीय केन्द्रीय दल के गठन का निर्देश दिया है। केन्द्रीय दल में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और रूड़की के केन्द्रीय भवन अनुसंधान संस्थान, पुणे के भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान तथा इंदौर के भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान के भू-वैज्ञानिक शामिल होंगे। गृह मंत्रालय ने एक बयान में कहा है कि हिमाचल प्रदेश में इस वर्ष के दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान बाढ़, अकस्मात बाढ़ और चट्टाने घिसकने की घटनाओं को देखते हुए केन्द्र सरकार पहले ही अंतर-मंत्रालयीय केन्द्रीय दल नियुक्त कर चुकी है, ताकि नुकसान का मौके पर जाकर सीधे जायजा लिया जा सके।
मंत्रालय ने यह भी कहा कि केन्द्र सरकार बिना किसी भेदभाव के पूरी तत्परता से राज्य के साथ खड़ी है। इस दिशा में केन्द्रीय गृह मंत्री की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति हिमाचल प्रदेश के लिए दो हजार करोड़ रुपये पहले ही मंजूर कर चुकी है। इस धन का इस्तेमाल बाढ़, भूस्खलन और तेज बारिश से हुई आपदाओं से प्रभावित क्षेत्रों में बहाली और पुनर्निर्माण कार्यों के लिए किया जाएगा। समिति इस महीने पहली किस्त के रूप में चार सौ 51 करोड रुपये जारी कर चुकी है।
इसके अलावा केन्द्र सरकार ने राज्य में प्रभावित लोगों को सहायता पहुंचाने के लिए पिछले महीने हिमालच प्रदेश को राज्य आपदा कार्रवाई कोष से केन्द्रीय हिस्से के रूप में करीब एक सौ 99 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी कर दी थी। मंत्रालय ने बताया कि राज्य में राहत और बचाव कार्यों के लिए एनडीआरएफ की कुल 13 टीमें तैनात की गई हैं।