फ्रंटियर नागालैंड टेरिटोरियल अथॉरिटी के गठन के लिए केंद्र, नागालैंड सरकार और पूर्वी नागालैंड पीपुल्स ऑर्गेनाइजेशन (ई.एन.पी.ओ.) ने एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। ई.एन.पी.ओ. नागालैंड के छह पूर्वी जिलों की आठ मान्यता-प्राप्त नागा जनजातियों का प्रतिनिधित्व करने वाली संस्था है।
गृहमंत्री अमित शाह की उपस्थिति में कल नई दिल्ली में इस समझौते पर हस्ताक्षर किये गये। नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
श्री शाह ने कहा कि सरकार ने इस समझौते के साथ एक संघर्षमुक्त, हिंसामुक्त और विकसित पूर्वात्तर की ओर कदम बढाया है जो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दृष्टिकोण के अनुरूप है। गृहमंत्री ने कहा कि ग्यारह वर्ष पूर्व, यह क्षेत्र कई सशस्त्र समूहों और विवादों से जूझ रहा था। लेकिन वर्ष 2019 से मोदी सरकार ने पूर्वोत्तर में 12 समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं।
श्री शाह ने यह आश्वासन भी दिया है कि सरकार पूर्वी नागालैंड के विकास को समर्थन देना जारी रखेगी। इस बीच, नागालैंड के मुख्यमंत्री ने कहा कि यह समझौता राज्य के सभी क्षेत्रों तक पहुंचने के प्रयासों को जारी रखने का परिचायक है।
इस समझौते में फ्रंटियर नागालैंड टेरिटोरियल अथॉरिटी के लिए एक सचिवालय स्थापित करने का प्रावधान है। इसका नेतृत्व अतिरिक्त मुख्य सचिव या प्रधान सचिव करेंगे। पूर्वी नागालैंड क्षेत्र के लिए विकास व्यय का बंटवारा जनसंख्या और क्षेत्रफल के अनुपात में होगा। यह समझौता संविधान के अनुच्छेद 371(ए) के प्रावधानों को किसी भी तरह से प्रभावित नहीं करता है।