फ़रवरी 15, 2026 2:27 अपराह्न

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केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने पश्चिम बंगाल प्रशासन पर शिक्षकों के साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाया

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कल कोलकाता में आयोजित शिक्षक सम्मेलन में राज्‍य सरकार की आलोचना करते हुए राज्य प्रशासन पर शिक्षकों के साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के शासन में शिक्षा क्षेत्र को सबसे अधिक नुकसान हुआ है। श्री प्रधान ने कहा कि योग्य उम्मीदवार या तो सड़कों पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं या फिर वे कानूनी लड़ाई लड़ने पर विवश हैं। उन्‍होंने कहा कि सत्तारूढ दल के करीबी लोगों को शिक्षक के पदों पर नियुक्‍त किया जा रहा है।

श्री प्रधान ने दावा किया कि वर्तमान में राज्‍य में लगभग चार हजार स्कूलों में शिक्षक नहीं हैं। उन्‍होंने कहा कि देशभर में बिना शिक्षकों वाले स्‍कूलों की बात की जाये तो ऐसे आधे स्‍कूल पश्चिम बंगाल में ही हैं। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को लागू करने से इनकार करने और आवश्यक भूमि उपलब्ध कराने में विफल रहने के कारण केंद्रीय विद्यालय, अटल टिंकरिंग लैब और नवोदय विद्यालयों के विस्तार को कथित तौर पर बाधित करने के लिए राज्य सरकार की आलोचना की।

शिक्षक पात्रता परीक्षा (एनईटी) से संबंधित कानूनी विवादों के लिए पिछली सरकारों की दोषपूर्ण नीतियों को जिम्मेदार ठहराते हुए श्री प्रधान ने वादा किया कि राज्‍य में भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार के सत्‍ता में आने पर प्रभावित शिक्षकों की समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने राज्य के शैक्षिक मानकों को बहाल करने के लिए नेतृत्व में बदलाव की भी बात कही।

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