केंद्रीय युवा कार्यक्रम और खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए नशामुक्त युवा के महत्व पर जोर दिया है। आज वाराणसी में युवा आध्यात्मिक सम्मेलन के प्रारंभिक सत्र को संबोधित करते हुए श्री मांडविया ने नागरिकों से राष्ट्र निर्माण को प्राथमिकता देने और नशामुक्त भारत अभियान में शामिल होने की अपील की। उन्होंने सभी लोगों से इस अभियान में अपने साथ कम से कम पांच युवाओं को जोड़ने की शपथ लेने का आह्वान किया।
इस अवसर पर केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री डॉ वीरेन्द्र कुमार ने विभिन्न कार्यक्रमों और पहल के माध्यम से युवाओं में नशे की लत से मुकाबला करने के सरकार के जारी प्रयासों के बारे में जानकारी दी।
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने वाराणसी के आध्यात्मिक महत्व का उल्लेख किया और सम्मेलन के दौरान साझा किए गए संदेशों के स्थायी प्रभाव पर जोर दिया। इस सम्मेलन में सामाजिक, सांस्कृतिक और अध्यात्म से जुड़े सौ संगठनों के पांच सौ से अधिक युवा प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। यह सम्मेलन काशी घोषण पत्र जारी होने के साथ ही कल संपन्न हो जाएगा। घोषणा पत्र में नशामुक्त भारत बनाने के लिए व्यापक कार्य योजना पर बल दिया जाएगा।