केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने दोनों सदनों में हंगामा करने के लिए विपक्ष की आलोचना करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक असहमति को गरिमा के साथ व्यक्त किया जाना चाहिए। संसद के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए श्री पासवान ने कहा कि संसद लोकतंत्र का सबसे बड़ा मंच है और राष्ट्र के हित में दृढ़ता और जिम्मेदारी से अपने विचार रखने के लिए इसका उपयोग किया जाना चाहिए।
भाजपा राज्यसभा सांसद अरुण सिंह ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव में बाधा डालने के लिए कांग्रेस की आलोचना की। आकाशवाणी समाचार से बातचीत में उन्होंने कहा कि नकारात्मकता फैलाना और देश के संवैधानिक संस्थानों पर हमला करना पूरे विपक्ष का स्वभाव बन गया है।
राज्यसभा में कांग्रेस के सांसद जयराम रमेश ने कहा कि सभी विपक्षी दल एकजुट हैं और यदि विपक्ष के नेता को बोलने नहीं दिया जाता है, तो सदन के चलने की संभावना बहुत कम रह जाती है।