केंद्रीय बजट में सरकार ने धोलावीरा, लोथल, राखीगढ़ी, आदिचनल्लूर, सारनाथ, हस्तिनापुर और लेह महल सहित 15 पुरातात्विक स्थलों को जीवंत और सांस्कृतिक स्थलों के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव रखा है। आकाशवाणी समाचार से बातचीत में संस्कृति मंत्रालय के सचिव विवेक अग्रवाल ने इस निर्णय की सराहना करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य इन स्थलों पर बुनियादी ढांचा विकसित करना है जिससे पर्यटकों के बेहतर सुविधाएं दी जा सके और पुरातात्विक स्थलों से जुड़े पर्यटन को बढ़ावा दिया जा सके।
उन्होंने कहा कि इसके माध्यम से पर्यटक प्राचीन विरासत और वहां रहने वाले लोगों की जीवनशैली को सही मायने में समझ सकेंगे। श्री अग्रवाल ने कहा कि इन स्थलों को पर्यटन केंद्रों के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे संबंधित उद्योगों को भी लाभ होगा। उन्होंने कहा कि इन पहलों से पर्यटन स्थलों पर बुनियादी ढांचे के विकास के साथ-साथ आजीविका सृजन में भी महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।
बजट में श्री अग्रवाल ने गाइडों के प्रशिक्षण कार्यक्रम, डिजिटल डेटाबेस के निर्माण और प्रतिष्ठित स्थलों के विकास पर भी प्रकाश डाला।