कृषि के क्षेत्र में आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस, फसलों की निगरानी में सुधार, जमीनी स्तर पर निर्णय लेने की क्षमता बढ़ाने, मिट्टी तथा मौसम के आंकड़ों का विश्लेषण करने और उपज के पैटर्न तथा कीटों के प्रकोप की भविष्यवाणी कर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। हाल ही में नई दिल्ली में संपन्न हुए इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 ने दिखाया कि कैसे एआई भारत के कृषि तंत्र को तेजी से बदल रहा है। शिखर सम्मेलन के दौरान आकाशवाणी समाचार से बातचीत में, क्लाइमएग्रो एनालिटिक्स के संस्थापक डॉ. हर्षित मिश्रा ने बताया कि वे कृषि के लिए जलवायु जोखिम खुफिया मंच विकसित कर रहे हैं। उनका यह उत्पाद फसलों के प्रदर्शन के पिछले आंकड़ों का विश्लेषण करके फसल और जलवायु की परस्पर क्रिया को समझने के लिए मशीन लर्निंग एल्गोरिदम का उपयोग करता है। श्री मिश्रा ने कहा कि शिखर सम्मेलन ने नवप्रवर्तकों को विचारों का आदान-प्रदान और समस्याओं के प्रभावी समाधान विकसित करने के लिए एक मंच प्रदान किया।
News On AIR | फ़रवरी 26, 2026 10:16 अपराह्न
कृषि में आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस फसल निगरानी, डेटा विश्लेषण और उपज पूर्वानुमान में निभा रहा अहम भूमिका