मार्च 2, 2026 9:40 अपराह्न

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कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की भारत यात्रा दोनों देशों के संबंधों में एक महत्वपूर्ण मोड़: विदेश मंत्रालय

विदेश मंत्रालय ने कहा है कि कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की भारत यात्रा दोनों देशों के संबंधों में एक महत्वपूर्ण मोड़ है। नई दिल्ली में आज कनाडा के प्रधानमंत्री की भारत की आधिकारिक यात्रा के बारे में पत्रकारों को जानकारी देते हुए विदेश मंत्रालय के सचिव-पूर्व पी. कुमारन ने कहा कि इस यात्रा के दौरान स्वच्छ ऊर्जा और फिनटेक सहित कई क्षेत्रों में महत्वपूर्ण व्यापारिक सहयोग भी प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि ऊर्जा सहयोग इस यात्रा का एक प्रमुख स्तंभ बनकर उभरा।

श्री कुमारन ने कहा कि कनाडा के प्रधानमंत्री ने व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते पर बातचीत को जल्द से जल्द पूरा करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पिछले एक वर्ष में दोनों देशों ने संबंधों को सामान्य बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए हैं।

ईरान और इज़राइल के बीच की स्थिति के बारे में पूछे गए एक प्रश्न का उत्तर देते हुए, सचिव (पूर्व) ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने कल देर रात इस्रराएल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद से बातचीत की। श्री कुमारन ने कहा कि चर्चा का मुख्य बिंदु ईरान में बिगड़ती स्थिति को लेकर था। उन्‍होंने कहा कि नेताओं ने इस बात पर बल दिया कि मूल मुद्दों को सुलझाने के लिए संवाद और कूटनीति को प्राथमिकता दी जानी चाहिए और नागरिकों को निशाना नहीं बनाना चाहिए।

कनाडा के इस वर्ष समाप्त होने वाले वर्क परमिट के बारे में पूछे जाने पर, सचिव (पूर्व) ने कहा कि विभिन्न देशों द्वारा अपने आव्रजन लक्ष्य निर्धारित करना स्वाभाविक है और भारत इस पर कड़ी नज़र रखेगा। उन्होंने बताया कि कनाडा अपने अस्थायी वीज़ा धारकों की संख्या को अपनी कुल जनसंख्या के लगभग 5 प्रतिशत तक लाना चाहता है। उन्होंने आगे कहा कि यह संप्रभुता का मुद्दा है और भारत को अपने हितों की रक्षा करते हुए इसके परिणामों से निपटने का प्रयास करना होगा।

उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में भारतीय नागरिकों के प्रभावित होने की आशंका को लेकर कुछ चिंताएं हैं। श्री कुमारन ने कहा कि भारत राजनयिक चैनलों के माध्यम से इन मुद्दों को उठाना जारी रखेगा और एक मानवीय और संवेदनशील समाधान निकालेगा।