रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि ऑपरेशन सिंदूर की सफलता में निर्बाध लॉजिस्टिक्स प्रबंधन एक निर्णायक कारक था। श्री सिंह ने आज गुजरात के वडोदरा स्थित गति शक्ति विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि लॉजिस्टिक्स को केवल सामान पहुँचाने की प्रक्रिया के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। श्री सिंह ने देश की आर्थिक प्रगति में लॉजिस्टिक्स को उत्पादन से लेकर उपभोग तक, हर चरण को जोड़ने वाले प्रमुख स्तंभों में से एक बताया। उन्होंने भारत के सकल घरेलू उत्पाद में लॉजिस्टिक्स के योगदान को महत्वपूर्ण बताया और साथ ही कोविड के दौरान इसकी भूमिका को भी रेखांकित किया।
श्री सिंह ने बताया कि भारत ने पिछले 11 वर्षों में अभूतपूर्व बुनियादी ढांचे का विकास देखा है और इस परिवर्तन की नींव नीतिगत सुधारों और मिशन-मोड परियोजनाओं के माध्यम से रखी गई है। उन्होंने कहा कि इसका प्रभाव केवल भौतिक संपर्क तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसने आर्थिक उत्पादकता में वृद्धि, लॉजिस्टिक्स लागत में कमी और सेवा वितरण में भी सुधार किया है।
श्री सिंह ने गति शक्ति विश्वविद्यालय की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि जिस गति से युवा देश को शक्ति प्रदान कर रहे हैं वह सराहनीय है। उन्होंने डिजिटलीकरण, स्वचालन, रीयल-टाइम ट्रैकिंग, एआई-सक्षम लॉजिस्टिक्स पूर्वानुमान और संधारणीय माल ढुलाई प्रणालियों को आज के समय में भारत की राष्ट्रीय आवश्यकता बताया।
इस अवसर पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पिछले 11 वर्षों में भारतीय रेल में हुए महत्वपूर्ण परिवर्तन का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पिछले एक वर्ष में रेल नेटवर्क का विस्तार पांच हजार तीन सौ किलोमीटर तक और सुरंग निर्माण का कार्य तीन हजार 68 किलोमीटर तक किया गया है। श्री वैष्णव ने इस क्षेत्र में नवाचार के महत्व पर बल देते हुए स्नातक विद्यार्थियों को भारत की विकास यात्रा में योगदान के लिए प्रेरित किया। उन्होंने युवाओं को विकास का वाहक बताया। श्री वैष्णव ने युवाओं से 2047 तक विकसित भारत के दृष्टिकोण में समर्थन देने का आग्रह किया।
इस दीक्षांत समारोह के दौरान कुल 194 विद्यार्थियों को विभिन्न विषयों में डिग्री प्रदान की गई। प्रत्येक पाठ्यक्रम के एक विद्यार्थी को शैक्षणिक उत्कृष्टता पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसके अलावा उत्कृष्ट परियोजना और सर्वश्रेष्ठ विद्यार्थी पुरस्कार भी प्रदान किए गए।